राजस्व अधिकारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, विजय सिन्हा का अल्टीमेटम—सोमवार से ड्यूटी पर लौटें

बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है।

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, विजय सिन्हा का अल्टीमेटम—सोमवार से ड्यूटी पर लौटें
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Feb 08, 2026, 3:56:00 PM

बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सोमवार से सभी राजस्व अधिकारी अनिवार्य रूप से ड्यूटी पर लौटें, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिकारियों की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और इसके लिए गठित तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पांच फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने राजस्व सेवा से जुड़े सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों से तत्काल अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने की अपील की थी। इस अपील का सकारात्मक असर देखने को मिला है और शनिवार को कई जिलों में बड़ी संख्या में अंचल अधिकारियों ने योगदान भी दिया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के कार्य, अधिकार और दायित्वों की समग्र समीक्षा के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी। समिति द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर सरकार नीतिगत स्तर पर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने जानकारी दी कि सोमवार को प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव जय सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान यह आकलन किया जाएगा कि किन जिलों में अधिकारी ड्यूटी पर लौट चुके हैं और किन स्थानों पर अब भी राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

राजस्व विभाग के कामकाज को पूरी तरह पटरी पर लाने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को एग्री स्टैक महाअभियान, ई-मापी और राजस्व महाअभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि इन महत्वपूर्ण अभियानों के लंबित रहने से आम जनता को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।