दिल्ली जाने से पहले बिहार के 6 लाख शिक्षकों को बड़ा गिफ्ट देंगे मुख्यमंत्री, करोड़ों छात्रों को मिलेगी राहत
बिहार में एक बड़ी खबर तेजी से चर्चा में है। कहा जा रहा है कि दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के करीब 6 लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक बड़ा तोहफा दे सकते हैं
बिहार में एक बड़ी खबर तेजी से चर्चा में है। कहा जा रहा है कि दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के करीब 6 लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक बड़ा तोहफा दे सकते हैं। इसके साथ ही लगभग 1 करोड़ 70 लाख छात्र-छात्राओं को भी सीधा फायदा मिल सकता है।
दरअसल, मामला शनिवार को हाफ डे यानी आधे दिन स्कूल चलाने की व्यवस्था को लेकर है। काफी समय से शिक्षक संगठन इस मांग को उठा रहे हैं कि शनिवार को फिर से आधा कार्यदिवस लागू किया जाए। अब इसी को लेकर सरकार के स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे लागू करने पर विचार चल रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
आपको बता दें कि पहले बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था लागू थी। लेकिन दिसंबर 2023 के बाद इसे खत्म कर दिया गया और फुल डे यानी पूरा दिन स्कूल चलने लगा। इसके बाद से ही शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही थी।
शिक्षकों का कहना है कि फुल डे होने की वजह से खासकर दूर-दराज इलाकों में काम करने वालों को काफी परेशानी होती है। उन्हें घर लौटने में देर होती है और पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो जाता है।
इसी मुद्दे को लेकर विधान परिषद में भी आवाज उठाई गई। कई जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि शनिवार को फिर से आधे दिन की व्यवस्था बहाल की जाए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी इस पर समीक्षा का भरोसा दिया।
वहीं, शिक्षक संगठनों की तरफ से एक नया सुझाव भी सामने आया है। इसमें कहा गया है कि महीने के पहले और तीसरे शनिवार को पूरी छुट्टी दी जाए, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के रूप में आधे दिन स्कूल चलाया जाए। इससे बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कम होगा और उनका मानसिक विकास भी बेहतर होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी? और अगर लेती है तो कब तक?
फिलहाल, पूरा मामला सरकार के विचाराधीन है, लेकिन जिस तरह से चर्चाएं तेज हैं, उससे उम्मीद की जा रही है कि नए सत्र से पहले इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो बिहार के करीब 80 हजार सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षकों को राहत मिलेगी, छात्रों को भी फायदा होगा और स्कूलों का माहौल भी पहले से बेहतर हो सकता है।
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी है। देखना होगा कि दिल्ली जाने से पहले यह बड़ा ऐलान होता है या नहीं। फिलहाल के लिए बस इतना ही, अपडेट के लिए जुड़े रहिए स्वराज पोस्ट के साथ ।