दिल्ली : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दिग्विजय सिंह से की मुलाकात, महिला आरक्षण और परिसीमन पर हुई विस्तृत चर्चा

दिल्ली : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दिग्विजय सिंह से की मुलाकात, महिला आरक्षण और परिसीमन पर हुई विस्तृत चर्चा

दिल्ली : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दिग्विजय सिंह से की मुलाकात, महिला आरक्षण और परिसीमन पर हुई विस्तृत चर्चा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 16, 2026, 4:20:00 PM

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से शिष्टाचार भेंट कर समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति से जुड़े अहम विषयों पर अपने विचार साझा किए।

बैठक के दौरान देश में चल रही राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन मंथन हुआ, जिसमें खास तौर पर महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव और उससे संबंधित परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखा गया। इसके अलावा झारखंड की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी व्यापक बातचीत की गई।

दिग्विजय सिंह ने इस मौके पर लोकसभा में प्रस्तावित विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें महिला आरक्षण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, लेकिन इनके साथ परिसीमन का प्रश्न भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर देश के विभिन्न हिस्सों से गंभीर आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिसीमन की प्रक्रिया लागू होती है, तो अधिक आबादी वाले राज्यों को लाभ मिल सकता है। उनके अनुसार, ऐसे राज्यों में सत्तारूढ़ दल की मजबूत स्थिति को देखते हुए राजनीतिक संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। इससे झारखंड जैसे अपेक्षाकृत छोटे राज्यों की संसदीय भागीदारी पर असर पड़ सकता है।

कांग्रेस की ओर से स्पष्ट रुख रखते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी और विपक्ष का मानना है कि वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटों में से एक-तिहाई सीटें सीधे महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए भी समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि विपक्ष पहले भी इसी व्यवस्था का समर्थन करता रहा है। उनके अनुसार, यही मॉडल लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप महिलाओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है।