कांग्रेस के स्थापना दिवस पर पार्टी नेताओं ने निकाली पदयात्रा, 5 जनवरी से 'मनरेगा बचाओ अभियान

बिहार समेत पूरे देश में आज कांग्रेस पार्टी अपना स्थापना दिवस मना रही है। 140 साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है।

कांग्रेस के स्थापना दिवस पर पार्टी नेताओं ने निकाली पदयात्रा, 5 जनवरी से 'मनरेगा बचाओ अभियान
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 28, 2025, 2:23:00 PM

बिहार समेत पूरे देश में आज कांग्रेस पार्टी अपना स्थापना दिवस मना रही है। 140 साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है। बिहार में स्थापना दिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने पटना के सदाकत आश्रम से गांधी मैदान तक पदयात्रा निकाली।

यह पदयात्रा महात्मा गांधी की विरासत को सम्मान देने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई। खास तौर पर मनरेगा से जुड़े मुद्दों, मजदूरों के अधिकार और ग्रामीण रोजगार की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने अपनी आवाज बुलंद की। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।

पदयात्रा के बाद गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां कांग्रेस नेताओं ने आम जनता से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग की आवाज बनती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।

आपको बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना आज ही के दिन वर्ष 1885 में हुई थी। इसकी स्थापना स्कॉटलैंड के रिटायर्ड ब्रिटिश अधिकारी एओ ह्यूम ने की थी। हालांकि, अपने जीवनकाल में एओ ह्यूम को कांग्रेस के संस्थापक के रूप में औपचारिक मान्यता नहीं मिली थी। वर्ष 1912 में उनके निधन के बाद उन्हें कांग्रेस का संस्थापक घोषित किया गया।

कांग्रेस की स्थापना के पीछे एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी रही है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों को यह भय था कि दोबारा व्यापक विद्रोह न हो। इसी आशंका के चलते उन्होंने एक ऐसे मंच की परिकल्पना की, जहां भारतीय अपने विचार और असंतोष शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त कर सकें। इसी उद्देश्य से कांग्रेस की नींव रखी गई, जो आगे चलकर देश की आज़ादी की सबसे बड़ी आवाज बनी