बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए कार्रवाई का संकेत दिया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को भयमुक्त बनाना है। मठ की जमीन पर जो अवैध कब्जा है उससे मुक्त कराएंगे।
दरअसल बिहार की सियासत में मठ-मंदिर की जमीन को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है। धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सरकार सख्त है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए कार्रवाई के संकेत दिए हैं। राज्यभर में मठ-मंदिर की जमीन की समीक्षा की तैयारी है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं सरकार का कहना है कि आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धार्मिक ट्रस्टों के रिकॉर्ड की जांच पर जोरदिया है।
वहीं शुक्रवार को बोधगया में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। 20 नवंबर, 2026 तक लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट लाएंगे। बिहार के नौजवानों को 50 करोड़ रुपये तक का ठेका देंगे ताकि नौजवान यहां काम कर सकें। बिहार में निर्मित 30 प्रतिशत सामान को सरकार खरीदेगी ताकि बिहार में उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। बिहार का पैसा बिहार में ही खर्च होगा तो बिहार की तरक्की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सुशासन हर हालत में स्थापित रहेगा। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए जो भी कदम जरूरी है वो सरकार उठाएगी। गयाजी पिंड दान की भूमि है जो भी राज्य में कानून-व्यवस्था को तोड़ेगा, अपराध करेगा तो अपराधियों का पिंड दान करेंगे। महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया जाएगा जिसमें समस्याओं को लेकर जो भी आवेदन आएंगे उसपर संबंधित अधिकारी 30 दिनों में अपना निर्णय लेंगे। अटकाना, भटकाना और लटकाने की प्रवृत्ति नहीं चलेगी। आगे बढ़ने की प्रवृत्ति चलेगी। बिहार को भयमुक्त बनाना है। मठ की जमीन पर जो अवैध कब्जा है उससे मुक्त कराएंगे और यहीं से इसकी शुरुआत करेंगे।