बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar आज समृद्धि यात्रा के दौरान बेगूसराय के बियाडा स्थित सभा स्थल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मंच से अपने संबोधन में एक बार फिर कार्यक्रम छोड़कर जा रही जीविका दीदी और अन्य महिलाओं को लेकर अपने अंदाज में टोका-टाकी की।
सीएम नीतीश कुमार ने मंच से कहा, “अरे कहां भाग रहे हैं? हम बंद कर दें क्या? काहे भाग रही हैं? हम तो देख रहे थे पहले उधर से जा रही थीं, अब पीछे से जा रही हैं। अगर सब भाग जाएगा तो हम छोड़ देते हैं, बोलिए हम छोड़ दें? जहां बैठी हैं वहीं बैठकर सुनिए। आप लोग हैं ना, सब लोग सुनिए। हाथ उठाकर बताइए, होगा ना भाषण? अभी देखिए उधर कैसे भाग रहा है। यहां तो सब चीज है, फिर भागते काहे हो? तब जानोगे, तब बताओगे।”सीएम के इस अंदाज पर सभा में मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी और चर्चा का माहौल बन गया।
सीएम ने कहा कि पुरानी सरकार में आए दिन हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते थे। हमारी सरकार आई तो हमने तेजी से कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवानी शुरू की। झगड़े बंद हुए। इसके बाद कहीं कहीं मंदिरों को लेकर भी विवाद होने लगा। हमने मंदिरों की भी बाउंड्री बनवाई। आज देखिए सब जगह शांति है। पुराने वालों के जैसा झगड़ा झंझट अब कहीं नहीं है।
पहले वाली सरकार को कभी भूलिएगा नहीं। उन लोगों का समय बहुत डराने वाला था। लोग शाम में डर के मारे घरों से नहीं निकलते थे। महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। सब जगह उनके लोगों की पैरवी और सुनवाई होती थी। उन लोगों ने जनता के लिए कुछ नहीं किया सिर्फ अपनों को बढ़ावा दिया। हमने 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया है। आने वाले 5 सालों में हमने 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। अबकी बार युवाओं को नौकरी-रोजगार का लक्ष्य और बढ़ाएंगे।