दरभंगा महाराज की तीसरी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें महाराज कामेश्वर सिंह की चिता के बगल में विधि-विधान से अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि महाराज के पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी
महारानी के निधन की सूचना मिलते ही बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार श्यामा माई मंदिर परिसर पहुंचे। सभी ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महारानी के निधन के बाद अंतिम संस्कार से पहले कल्याणी निवास में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के प्रबंधक उदयनाथ झा के पुत्र के साथ महारानी के परिजनों की जमकर मारपीट हुई। पुलिस की मौजूदगी में कई दौर की झड़प हुई, हालांकि पुलिस ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के साथ मारपीट की गई।
महारानी के निधन के बाद संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होता दिख रहा है। अंतिम संस्कार से पहले हुई मारपीट ने इस विवाद को और स्पष्ट कर दिया, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा। महारानी के निधन के बाद युवराज कपिलेश्वर सिंह के दरभंगा से बाहर रहने के कारण स्थिति को लेकर असमंजस बना रहा। बाद में परिवार के सदस्यों और युवराज कपिलेश्वर सिंह की आपसी सहमति के बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया, हालांकि युवराज स्वयं इसमें शामिल नहीं हो सके।