बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना का '1, अणे मार्ग' यानी मुख्यमंत्री आवास आज एक बार फिर भारी राजनीतिक हलचल का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मंत्री विजय चौधरी के बीच घंटों चली इस 'सीक्रेट मीटिंग' ने बिहार के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
कहा जा रहा है कि इस बैठक में कुछ बड़ा पक रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उस मुलाकात के तुरंत बाद पटना में अपनी कोर टीम के साथ यह गुप्त मंत्रणा कई बड़े संकेत दे रही है। चर्चा तो तब और तेज हो गई जब इस बैठक के बीच में अचानक मंत्री अशोक चौधरी भी मुख्यमंत्री आवास पहुँच गए।
बैठक के बाद एक और दिलचस्प नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद ललन सिंह को उनके आवास तक छोड़ने गए। बंद कमरे में घंटों बातचीत और फिर इस तरह का निजी जुड़ाव साफ इशारा कर रहा है कि बिहार की राजनीति में कोई बड़ी पटकथा लिखी जा रही है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि खरमास खत्म होते ही बिहार में कुछ बड़ा उलटफेर हो सकता है। विपक्षी खेमे में भी इस हलचल को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। जानकार मान रहे हैं कि यह बैठक केवल आगामी रणनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकार और संगठन को लेकर कोई ऐसा फैसला लिया गया है जो आने वाले दिनों में चौंका सकता है।