बजट सत्र के छठे दिन सदन में हंगामा, विधानसभा पहुंचे सरकार का पुतला लेकर कांग्रेस विधायक

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भी सदन का माहौल पूरी तरह से हंगामेदार बना रहा। आज मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया

 बजट सत्र के छठे दिन सदन में हंगामा, विधानसभा पहुंचे सरकार का पुतला लेकर कांग्रेस विधायक
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Feb 10, 2026, 11:09:00 AM

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भी सदन का माहौल पूरी तरह से हंगामेदार बना रहा। आज मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्षी विधायकों के जोरदार नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर विधानसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार अन्य सभी मुद्दों को दरकिनार कर महिला उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर चर्चा कराए। संदीप सौरभ के मुताबिक, राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं सरकार की विफलता को उजागर करती हैं।

हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया और मार्शल को बुलाकर सदन में लहराए जा रहे पोस्टर हटाने का निर्देश दिया। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

इसी दौरान चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन बिहार सरकार का पुतला लेकर सदन पहुंचे। पुतले पर हाल में हुई आपराधिक घटनाओं की सूची चस्पा की गई थी। पुतले को चूड़ियां पहनाई गई थीं और एक पोस्टर लगाया गया था, जिस पर लिखा था— “माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे।” इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए विपक्ष ने सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

वहीं, सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच हुई तीखी नोंकझोंक पर पूर्व मंत्री श्याम रजक ने बयान दिया। उन्होंने इसे देवर-भौजाई की नोकझोंक बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह सिर्फ अपना राजनीतिक चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहा है।

इधर, राजनीतिक हलचल के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी आज दोपहर 12 बजे विधानसभा पहुंचेंगे। विधानसभा के मुख्य द्वार पर सत्तारूढ़ दल के सभी सचेतक उनका स्वागत करेंगे और फिर उन्हें सदन में ले जाया जाएगा। कुल मिलाकर, बजट सत्र का छठा दिन भी हंगामे और सियासी आरोप-प्रत्यारोप के नाम रहा।