बसपा की बिहार इकाई संकट में, अकेले विधायक की वफादारी पर सवाल, जमा खान को मंत्री बनाकर ले गए थे नीतीश
मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) को बिहार में अपने एकमात्र विधायक के टूटने का खतरा सता रहा है। बसपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अकेले लड़ा और कैमूर जिले की रामगढ़ सीट पर ही उसे जीत मिल पाई।
मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) को बिहार में अपने एकमात्र विधायक के टूटने का खतरा सता रहा है। बसपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अकेले लड़ा और कैमूर जिले की रामगढ़ सीट पर ही उसे जीत मिल पाई। रामगढ़ में भाजपा के अशोक कुमार सिंह को महज 30 वोटों से हराकर बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव विधायक बने। अब बसपा का आरोप है कि उनके एकमात्र विधायक को तोड़ने के लिए प्रलोभन दिए जा रहे हैं। बता दें कि पिछली बार बसपा के एकमात्र विधायक मोहम्मद जमा खान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू में ले आए थे और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया था।
बहुजन समाज पार्टी ने पटना में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। महाराजा कॉम्पलेक्स में बुधवार को आयोजित इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस मौके पर पार्टी के बिहार प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि उनकी बसपा के एकमात्र विधायक को तोड़ने के लिए कई प्रलोभन दिए जा रहे हैं, किंतु हमारे विधायक टूटेंगे नहीं। इस मौके पार्टी के विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष सहित पार्टी के राज्यस्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
2020 के विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने कैमूर जिले की चैनपुर सीट पर जीत दर्ज की थी। उस समय मोहम्मद जमा खान पार्टी के एकमात्र विधायक बने थे। हालांकि, 2021 में वह पाला बदलकर जेडीयू में चले गए थे। इसके कुछ दिनों बाद नीतीश कुमार ने उन्हें कैबिनेट में जगह देकर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया था।
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