पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से जोरदार प्रदर्शन की शुरुआत की, जो करीब दो घंटे बाद जेपी गोलंबर तक पहुंचकर खत्म हुआ।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों के हाथों में “शिक्षा मंत्री झूठा है”, “I LOVE TRE-4” जैसे पोस्टर नजर आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार बार-बार शिक्षक भर्ती को लेकर सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
जैसे ही प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर की ओर बढ़े, पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झूमाझटकी भी हुई। हालांकि पुलिस लगातार अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन आक्रोशित भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी।
दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC ने हाल ही में वर्ष 2026 तक आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है। इस कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, न्यायिक सेवा, APO, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तिथियां दी गई हैं।
इतना ही नहीं, इसमें विशेष शिक्षक और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी जिक्र है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि TRE-4 परीक्षा का नाम तक शामिल नहीं किया गया।
इसी बात को लेकर अभ्यर्थियों में जबरदस्त नाराजगी है। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर TRE-4 को टालना चाहती है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले सरकार ने एक लाख से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था, जिसे बाद में घटाकर करीब 26 हजार कर दिया गया। अब हालात ऐसे हैं कि सरकार उतनी वैकेंसी भी देने को तैयार नहीं दिख रही।
छात्र संगठनों ने सरकार पर जुमलेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर जल्द TRE-4 को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया