बिहार में आज से 'सहयोग शिविर' की शुरुआत, CM सम्राट ने 67 मामले निपटाए, कहा-30 दिन में समस्या का समाधान नहीं तो...

बिहार में आज से 'सहयोग शिविर' की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर की डुमरी बुजर्ग पंचायत में सहयोग शिविर लगाया। यहां 67 शिकायतें मिलीं।

बिहार में आज से 'सहयोग शिविर' की शुरुआत, CM सम्राट ने 67 मामले निपटाए, कहा-30 दिन में समस्या का समाधान नहीं तो...
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 19, 2026, 12:19:00 PM

बिहार में आज से 'सहयोग शिविर' की शुरुआत हो गई। इसके तहत 30 दिनों के अंदर शिकायतों के समाधान का दावा किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर की डुमरी बुजर्ग पंचायत में सहयोग शिविर लगाया। यहां 67 शिकायतें मिलीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज हमने सभी 67 शिकायतों का निपटारा किया। सीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जब सहयोग पोर्टल या 1100 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएगा तो उसकी निगरानी खुद उनके कार्यालय द्वारा की जाएगी। 

बिहार सरकार ने सहयोग शिविर नाम से सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 शुरू की है।  जहां शिकायतों के निपटारे के लिए 30 दिन की सख्त समयसीमा तय की गई है।  इसके बाद उस विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया जाएगा. सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि 11 तारीख को उन्होंने ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था।  अब पूरे बिहार में सहयोग शिविर शुरू हो रहा है।  इसके माध्यम से गांव और शहर की जनता भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकती है। 

इस ‘सहयोग शिविर’ के नियम के अनुसार 10 दिन के अंदर पहला नोटिस जारी किया जाएगा।  वहीं, 20 दिन बाद दूसरा नोटिस और 25 दिन बाद तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा।  ऐसे में अगर 30 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी खुद निलंबित कर दिया जाएगा।  सीएम की यह व्यवस्था आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।  इस पोर्टल और हेल्पलाइन के जरिए वे घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और 30 दिन के अंदर उसका निपटारा भी सुनिश्चित हो जाएगा। 

सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में सुशासन की मिसाल कायम हो और हर व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इस कार्यक्रम को लेकर नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं बल्कि जनता की समस्याओं को जमीन पर हल करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को लेकर अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होता और इसमें अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।