सम्राट सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बिहार विधानसभा में काफी गहमागहमी रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली। अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव नाराज भी हो गए। हालांकि स्पीकर ने उन्हें मना लिया।
दरअसल शुक्रवार को सम्राट सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने बोलना शुरू किया लेकिन सत्ता पक्ष की टोका-टाकी से वह नाराज हो गए और अपनी सीट पर बैठ गए और तेजस्वी यादव ने आगे भाषण करने से मना कर दिया। बाद में स्पीकर प्रेम कुमार के मनाने पर वो दोबारा भाषण करने उठे।
वहीं एनडीए सरकार पर हमला करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इलेक्टेड सीएम को हटाकर सिलेक्टेड सीएम सम्राट चौधरी को बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लालू जी की पाठशाला से निकले हैं, इलेक्टेड सीएम को सिलेक्टेड सीएम ने हटाया। उनके इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया। हालांकि स्पीकर प्रेम कुमार ने भाजपा विधायकों को शांत कराया।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि राज्य का खजाना पहले ही खाली है और बिहार पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, ऐसे में विकास कार्य कैसे होंगे? तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि पेंशन तक के लिए पैसा नहीं है, तो सरकार विकास का सपना कैसे पूरा करेगी। तेजस्वी ने आगे कहा कि बिहार एक अजीबो-गरीब राजनीतिक प्रयोगशाला बन चुका है, जहां स्थिरता की जगह लगातार सत्ता परिवर्तन हो रहा है।