सम्राट कैबिनेट के एक फैसले पर बिहार में सियासत तेज हो गई है। बुधवार को ही कैबिनेट ने 22 एजेंडों पर मुहर लगाईं थी। जिसमें 11 शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है। अब इसी फैसले पर बवाल मच गया है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सरकार पर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल बिहार सरकार ने 11 शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। यानि कि पटना समेत 11 शहरों को आधुनिक बनाया जाएगा जिसकी वजह से इन शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। अब इस फैसले पर लालू प्रसाद यादव की बेटी ने सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रोहिणी आचार्य ने इसे हैरान करने वाला और समझ से परे निर्णय बताया है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक अखबार का आर्टिकल शेयर करते हुए लिखा है-''बिहार के 11 प्रमुख शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगाई गयी रोक " हैरान करने वाला , समझ से परे है ये निर्णय। जैसी आर्थिक परिस्थिति है वर्त्तमान बिहार की, वैसे में ऐसा निर्णय मानसिक संतुलन खो चुके लोगों के द्वारा या "किसी विशेष" को फायदा पहुंचाने के मकसद से ही लिया जा सकता है।
रोहिणी ने आगे लिखा है-जमीन की खरीद-बिक्री राजस्व संग्रह का बड़ा स्रोत होता है और इस बेतुके-अव्यावहारिक निर्णय से माली तौर पर खस्ताहाल किए जा चुके बिहार की माली हालत और बिगड़ेगी। आम जनता के समक्ष सामाजिक-आर्थिक- पारिवारिक सरोकारों के निर्वहन की समस्या खड़ी हो जाएगी। ज्ञातव्य है कि जमीन खरीद-बिक्री एक बड़ा माध्यम है एक आम आदमी के लिए अपने दायित्वों को पूरा करने और आमदनी का। मध्यम आय वाली शहरी आबादी का एक बड़ा हिस्सा भी जमीन की खरीद-बिक्री को अपनी आमदनी के विकल्प के तौर पर रख कर आर्थिक सुरक्षा की गारंटी मानता है।
रोहिणी आगे लिखती है-सरकार के द्वारा लिए गए कल के इस निर्णय में ग्यारह शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की बात की गयी है। पूरी संभावना है कि ऐसे प्रस्तावित टाउनशिप्स को विकसित व् निर्मित करने - कराने का जिम्मा बीजेपी के पूंजीपति आकाओं को सौप दिया जाएगा। करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव दे दी जाएंगीं और पूंजीपति घराने मनमाने दाम पर इन टाउनशिप्स में घर-जमीन बेच कर मनचाहा मुनाफा कमाएंगे।