बेटे के मंत्री पद पर खतरे के बीच उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली रवाना, कहा-जिसने वादा किया था उससे न पूछिए, हलचल तेज
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का मंत्री पद खतरे में आ गया है। इस बीच दिल्ली रवाना से पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए NDA के 9 (नीतीश की सीट पर उपचुनाव समेत) उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया। एनडीए की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का नाम नहीं है। ऐसे में अब बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का मंत्री पद खतरे में आ गया है। दीपक प्रकाश ने आखिरी दिन नामांकन नहीं किया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो जल्द ही मंत्री पद छोड़ सकते हैं। इस बीच दिल्ली रवाना से पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है।
पटना में उपेंद्र कुशवाहा से जब पत्रकारों ने पूछा कि एमएलसी सीट को लेकर किए गए वादे का क्या हुआ, तो उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि आप पूछ रहे हैं कि वादे का क्या हुआ, तो जिसने वादा किया था उससे पूछिए। ऐसे में राजनीतिक जानकार इसे एनडीए नेतृत्व के प्रति नाराजगी का संकेत मान रहे हैं, हालांकि कुशवाहा ने खुलकर अब तक असहमति जाहिर नहीं की है।
वहीं बेटे को एमएलसी टिकट नहीं मिलने से नाराजगी को लेकर सवाल पूछा गया तो उपेंद्र कुशवाहा ने साफ शब्दों में कहा कि कोई नाराजगी नहीं है। इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दिल्ली दौरे को लेकर भी राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि उनकी पार्टी की ओर से इसे सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। दिल्ली में 13 जून को पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन है। कुशवाहा की दिल्ली यात्रा को पार्टी इस सम्मेलन से जोड़ रही है।
दीपक प्रकाश मंत्री पद से जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं। अपने फेसबुक प्रोफाइल पेज से उन्होंने मंत्री पद का ब्यौरा हटा दिया है। एडिट कर बायो में Politician किया है। दीपक प्रकाश ने मंत्री वाला बायो हटा दिया है। एनडीए की ओर से किसी भी दल ने दीपक प्रकाश हो एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया है। वहीं अब दीपक प्रकाश ने भी कह दिया है कि वह एमएलसी के लिए नामांकन नहीं करेंगे। ऐसे में अब दीपक प्रकाश के मंत्री पद की कुर्सी जा सकती है।
बता दें कि बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का मंत्री पद खतरे में आ गया है। बिहार एमएलसी चुनाव में एनडीए की ओर से 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है, लेकिन सूची में दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। बिना किसी सदन का सदस्य बने कोई भी नेता सिर्फ 6 महीने तक ही मंत्री रह सकता है। बताया जा रहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में दीपक प्रकाश नवंबर तक मंत्री पद पर बने रह सकते हैं, क्योंकि इस अवधि के भीतर उन्हें विधानमंडल (विधानसभा या विधान परिषद) की सदस्यता प्राप्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यदि निर्धारित समयसीमा में दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं, तो नवंबर के बाद उनका मंत्री पद स्वतः समाप्त माना जा सकता है।