कुशवाहा के बेटे का कट ही गया पत्ता, दीपक प्रकाश मंत्री पद से इस्तीफा देंगे? सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का पत्ता कट गया है। दीपक प्रकाश ने आखिरी दिन नामांकन नहीं किया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो जल्द ही मंत्री पद छोड़ सकते हैं।
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए NDA के 9 (नीतीश की सीट पर उपचुनाव समेत) और राजद के एक उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल कर दिया। सभी 10 सीटों, जिसमें नीतीश कुमार की खाली की गई एक उपचुनाव की सीट भी है, इसको मिलाकर NDA के 9 उम्मीदवार और राजद के एक उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया। कुल मिलाकर सभी 10 सीटों पर अब निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। वोटिंग की नौबत नहीं आएगी। वहीं बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का पत्ता कट गया है। दीपक प्रकाश ने आखिरी दिन नामांकन नहीं किया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो जल्द ही मंत्री पद छोड़ सकते हैं।
दीपक प्रकाश मंत्री पद से जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं। अपने फेसबुक प्रोफाइल पेज से उन्होंने मंत्री पद का ब्यौरा हटा दिया है। एडिट कर बायो में Politician किया है। दीपक प्रकाश ने मंत्री वाला बायो हटा दिया है। एनडीए की ओर से किसी भी दल ने दीपक प्रकाश हो एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया है। वहीं अब दीपक प्रकाश ने भी कह दिया है कि वह एमएलसी के लिए नामांकन नहीं करेंगे। ऐसे में अब दीपक प्रकाश के मंत्री पद की कुर्सी जा सकती है।
कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को बीजेपी की तरफ से कहा गया था कि आप दीपक प्रकाश को बीजेपी कोटे से MLC के लिए भेजिए। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी के सिंबल पर बेटे दीपक प्रकाश को भेजने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद बीजेपी ने चारों सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
वहीं बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दायर की गई है। दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मुख्य सवाल यह उठाया गया है कि क्या कोई व्यक्ति, जो बिहार विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत दी गई छह माह की अवधि समाप्त होने के बाद पुनः मंत्री पद पर नियुक्त किया जा सकता है।
याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह ने अपनी याचिका में दावा किया है कि दीपक प्रकाश वर्तमान में न तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। इसके बावजूद उन्हें दोबारा मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है, जो संविधान की भावना और प्रावधानों के विपरीत है।