बिहार MLC चुनाव : NDA में सीटों का बंटवारा फाइनल? मांझी को झटका, चिराग-कुशवाहा को क्या मिला...
बिहार विधान परिषद (MLC) की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव और उपचुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एनडीए में सीट बंटवारे की तस्वीर अब लगभग साफ होती दिख रही है। ।
बिहार विधान परिषद (MLC) की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव और उपचुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी तक राजनीतिक दलों की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है। इस बीच एनडीए में सीट बंटवारे की तस्वीर अब लगभग साफ होती दिख रही है। एनडीए के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण 10 में से 9 सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों का बंटवारा लगभग फाइनल हो चुका है। दोनों दल अपने-अपने हिस्से की सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जदयू में लगातार बैठकों का दौर जारी है। एमएलसी चुनाव को लेकर एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है।
बीजेपी और जेडीयू 3-3 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती हैं, जबकि चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 1-1 सीट मिलने की संभावना है। इससे दोनों नेताओं की राजनीतिक स्थिति गठबंधन में और मजबूत होती दिख रही है। इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव भी होना है, जिसको लेकर अंतिम स्तर पर चर्चा जारी है।
दूसरी ओर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी की पार्टी को झटका लग सकता है। इस बार विधान परिषद चुनाव में सीट नहीं मिलने की चर्चा तेज है। हालांकि, मांझी पहले ही सार्वजनिक रूप से एनडीए से कम से कम एक सीट की मांग कर चुके हैं। लेकिन मौजूदा समीकरणों में उनकी पार्टी को जगह मिलती नहीं दिख रही है।
राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं। बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नामों पर दिल्ली में मंथन कर रही है, जबकि जेडीयू भी अपनी सूची को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जनता दल (यूनाइटेड) में राजीव कुमार सिंह, ललन मंडल और गुलाम रसूल बलियावी जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। वहीं बीजेपी खेमे में संजय मयूख, अमृता भूषण, प्रेम रंजन पटेल, सिद्धार्थ शंभू और अमरनाथ गामी जैसे नामों पर विचार चल रहा है। चिराग पासवान और जीतनराम मांझी भी अपनी-अपनी पार्टी के प्रतिनिधियों को परिषद भेजने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से सीमांत मृणाल का नाम भी राजनीतिक गलियारों में तेजी से उभरा है।
दूसरी तरफ महागठबंधन के हिस्से में आने वाली एकमात्र सीट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। अभी तक उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ है। पार्टी के भीतर यह विचार भी है कि चुनावी वर्ष में संगठन और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे में पूर्व एमएलसी सुनील सिंह का नाम भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
बता दें कि बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव को लेकर नामांकन शुरू हो गया है। एक सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के त्यागपत्र देने के कारण उप चुनाव कराया जा रहा है। शेष 9 सीटों पर चुनाव होगा, जिनमें एक सीट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा रिक्त की गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। इसके अगले दिन यानी 9 जून को सभी दाखिल नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 11 जून निर्धारित है। यदि आवश्यक हुआ, तो इन सभी सीटों के लिए 18 जून को सुबह से मतदान कराया जाएगा और उसी दिन चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।