बिहार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे, मुख्यमंत्री की भाषा से उजागर हुई सरकार की सोच: एजाज अहमद

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बिहार सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे, मुख्यमंत्री की भाषा से उजागर हुई सरकार की सोच: एजाज अहमद
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Feb 09, 2026, 7:34:00 PM

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बिहार सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। राज्य में लगातार अत्याचार, व्यभिचार और बलात्कार की घटनाओं के बाद मासूम बच्चियों की हत्या यह साफ दर्शाती है कि बिहार में सरकार का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

एजाज अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती राबड़ी देवी जी के संबंध में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह न केवल असंसदीय बल्कि बेहद निंदनीय है। यह भाषा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

उन्होंने आगे कहा कि बिहार में शासन और प्रशासन पूरी तरह लुंज-पुंज हो चुका है और अपराधियों को सरकार के संरक्षण में खुली छूट मिली हुई है। जब विधान परिषद में श्रीमती राबड़ी देवी जी ने महिला सुरक्षा और बच्चियों के साथ हो रही जघन्य घटनाओं पर सवाल उठाया, तो सरकार को जवाब देना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय मुख्यमंत्री ने अमर्यादित, अभद्र और अपशब्दों वाली भाषा का प्रयोग किया, जो यह साबित करता है कि सत्ता में बैठे लोग महिलाओं की सुरक्षा तो दूर, उनकी गरिमा का भी सम्मान नहीं करते।

एजाज अहमद ने कहा कि जब राज्य का मुख्यमंत्री ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेगा, तो बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री के प्रति इस तरह की टिप्पणी सरकार की महिला विरोधी सोच को उजागर करती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अविलंब सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही भाजपा और एनडीए के नेताओं से सवाल किया कि अब उनकी मर्यादा कहां गई? जो लोग महिलाओं के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते थे, वे आज बलात्कार और हत्या जैसे मामलों पर खामोश क्यों हैं।

एजाज अहमद ने कहा कि चाहे नीट की छात्रा का मामला हो, खगड़िया, मधेपुरा या दरभंगा में मासूम बच्चियों के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले हों—सरकार पूरी तरह मौन है। यह साफ दर्शाता है कि बिहार में एक महिला विरोधी और असंवेदनशील सरकार चल रही है।