पटना स्थित मुख्य सचिवालय में बुधवार को आयोजित बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नई सरकार के गठन के बाद यह कैबिनेट की दूसरी बैठक थी, जिसमें कुल 64 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की और इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेन्द्र यादव सहित अन्य मंत्री शामिल रहे।
इससे पहले 22 अप्रैल को हुई पहली बैठक में 22 एजेंडों पर निर्णय लिए गए थे, जिनमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में 11 नए टाउनशिप विकसित करने का अहम फैसला शामिल था। दूसरी बैठक में सरकार ने अपने फैसलों का दायरा और व्यापक करते हुए प्रशासन, सुरक्षा, आधारभूत संरचना और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई मुद्दों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट ने बिहार पुलिस में अवर निरीक्षक (SI) स्तर पर सीधी भर्ती के लिए सृजित 20,937 पदों में से आधे पद प्रोन्नति के जरिए भरने का निर्णय लिया है। वहीं, बेतिया राज की संपत्तियों को राज्य के अधीन लाने के लिए नई नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, राजकीय अतिथि शाला के अधीक्षक कृष्ण कुमार यादव की सेवा अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है।
यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार शरीफ और गया में ट्रैफिक पुलिस के लिए 485 नए पद सृजित करने और पहले से स्वीकृत 1606 पदों को चिन्हित करने का फैसला लिया गया है। वहीं, पटना में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) की स्थापना के लिए दो एकड़ से अधिक जमीन 30 वर्षों की लीज पर देने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत प्रतीकात्मक रूप से ₹10 का भुगतान तय किया गया है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए सरकार ने पटना में विशेष भवन और बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु 51.19 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। साथ ही, वित्त विभाग में साइबर कोषागार के गठन के लिए 23 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। राज्य की आकस्मिकता निधि को वर्तमान 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 13,900 करोड़ रुपये करने का भी बड़ा निर्णय लिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की योजना को हरी झंडी दी गई है। लगभग 90 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने और विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ है।
इसके अलावा, पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर ‘पटना जू’ कर दिया गया है। इसी के साथ उद्यान के प्रबंधन के लिए गठित समिति का नाम भी परिवर्तित कर ‘पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति’ कर दिया गया है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसले राज्य में प्रशासनिक सुधार, सुरक्षा व्यवस्था, आर्थिक मजबूती और शहरी विकास को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।