'बैलेट पेपर से चुनाव में BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी' MLC उपचुनाव में मिली जीत पर खूब गरजे तेजस्वी यादव

भोजपुर-सह-बक्सर उपचुनाव में शानदार जीत से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी गदगद हैं और उन्होंने दावा किया है कि अगर EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी।

'बैलेट पेपर से चुनाव में BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी' MLC उपचुनाव में मिली जीत पर खूब गरजे तेजस्वी यादव
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 14, 2026, 5:02:00 PM

बिहार विधान परिषद की भोजपुर-सह-बक्सर उपचुनाव में महागठबंधन ने एनडीए  को बड़ा झटका दिया है। महागठबंधन से राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने  जेडीयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को हरा दिया है। इस जीत के बाद आरजेडी खेमे में ख़ुशी की लहर है। उपचुनाव में शानदार जीत से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी गदगद हैं और उन्होंने दावा किया है कि अगर EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी। 

एमएलसी उपचुनाव में राजद की जीत पर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने NDA उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी के जीतने पर सभी कार्यकर्ताओं, मतदाताओं और नेताओं को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद।

हम शुरू से कह रहे है अगर आज देश-प्रदेश में Machine की बजाय बैलेट पेपर यानि मतपत्र से चुनाव हो तो BJP-NDA कहीं भी नहीं टिकेगी। बिहार चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर में हम लोगों ने 150 से अधिक सीटें जीती थी लेकिन तंत्र-यंत्र-षड्यंत्र और छल-कपट से हरा दिया गया था।

तेजस्वी यादव ने EVM की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए लिखा है-आजकल मतगणना के दिन भी देर रात 1-2 बजे तक चुनाव परिणाम घोषित किए जाते है। पूर्व में मतपत्रों की गिनती में भी इतना ही समय लगता था। तो क्यों नहीं लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनतंत्र में जनविश्वास कायम रखने के लिए अब EVM की बजाय बैलेट पेपर से ही चुनाव कराया जाए। और हाँ, हम हमेशा जीतने के बाद भी EVM से मतदान कराने के पक्षधर रहे है। पुन: फिर जीत की बधाई।

बता दें कि बिहार विधान परिषद की भोजपुर-सह-बक्सर उपचुनाव में महागठबंधन उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने जेडीयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 340 वोटों से हराया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक सोनू राय को 2,486 वोट मिले।  जबकि कन्हैया प्रसाद को 2,146 वोट हासिल हुए। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार और जेडीयू के बागी नेता मनोज उपाध्याय को 636 वोट मिले। माना जा रहा है कि मनोज उपाध्याय के चुनाव मैदान में उतरने से एनडीए को नुकसान हुआ। यह सीट पहले जेडीयू के पास थी और एमएलसी राधाचरण साह के विधायक बनने के बाद खाली हुई थी। जेडीयू ने इस सीट पर राधाचरण साह के बेटे को उम्मीदवार बनाया था।