बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू की मौत हो गई है। वह पिछले कई दिनों से जीवन और मौत से जंग लड़ रहे थे। 28 अप्रैल को कार्यालय में हुए हमले में उन्हें दो गोलियां लगी थीं। उनके निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है और डीजीपी को मामले में शामिल दोषी व्यक्तियों को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने का निर्देश दिया है।
सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा है-भागलपुर जिला के सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू जी के असामयिक निधन का अत्यंत ही दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। वे काफी मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे और जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। बीते 28 अप्रैल को हुई अत्यंत ही दु:खद घटना में घायल होने के बाद गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान आज उनकी मृत्यु हो गई।
सीएम ने डीजीपी को निर्देश देते हुए कहा है-इसे लेकर मैंने पुलिस महानिदेशक को मामले में शामिल दोषी व्यक्तियों को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने का निर्देश दिया है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।
दरअसल भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में 28 अप्रैल को कार्यालय में हुए हमले में राज कुमार गुड्डू को दो गोलियां लगी थीं। इस वारदात में कार्यपालक पदाधिकारी की पहले ही मौत हो चुकी है। मुख्य आरोपी रामधनी यादव एनकाउंटर में मारा गया, जबकि दो अन्य जेल में हैं। भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को गोली लगने के बाद पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था पर हालत ठीक नहीं नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। गोली लगने के 11 दिन बाद मुख्य पार्षद की मौत हो गई।
बता दें कि बीते 28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में कुख्यात अपराधी रामधनी यादव अपने दो सहयोगियों के साथ हमला किया था। अपराधियों ने वहां मौजूद कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू को गोली मारी थी । इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू को दो गोलियां लगी थीं। उन्हें गंभीर स्थिति में पहले भागलपुर और फिर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था।