Pappu Yadav एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बेऊर जेल से सात दिनों बाद रिहा होने के बाद शुक्रवार शाम वे सीधे पटना पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खुद अपने हाथों से कार्यकर्ताओं को खाना परोसा और उनका हौसला बढ़ाया। समर्थकों के बीच उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी रहेगा और जनता की आवाज हर मंच पर उठाई जाएगी। इसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जहां कार्यकर्ताओं के साथ चौपाल कार्यक्रम में शामिल होंगे।
दिल्ली रवाना होने से पहले पप्पू यादव ने पटना की 12वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले को संसद में उठाया जाएगा और हाईकोर्ट में भी अपील की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। जेल से बाहर निकलते ही वे फुलवारीशरीफ पहुंचे और कोचिंग सेंटर की छत से गिरकर जान गंवाने वाली छात्रा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे।
पप्पू यादव ने अपनी जेल अवधि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट से पूछा जाए कि उन्हें बिना इलाज के क्यों रखा गया। 24 घंटे तक उन्हें न पानी की बोतल मिली और न ही खाना। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वे पहले ही कोर्ट को पत्र लिख चुके हैं। साथ ही लोकायुक्त के पास जाने और संयुक्त राष्ट्र को भी पत्र लिखने की बात कही।
पप्पू यादव के इन बयानों से सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि संसद और अदालत में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।