दिल्ली जाने से पहले बोले नितिन नबीन, संगठन की मूल भावना को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो फायदा मिलेगा

दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता को धैर्य पूर्वक पार्टी के लिए काम करना चाहिए। संगठन की मूल भावना को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो सभी को इसका फायदा मिलेगा।

दिल्ली जाने से पहले बोले नितिन नबीन, संगठन की मूल भावना को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो फायदा मिलेगा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 15, 2025, 1:05:00 PM

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. उत्‍तर भारत में घना कोहरा छाया हुआ है, जिसकी वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है. इसका असर फ्लाइट्स पर भी देखने को मिल रहा है. नितिन नबीन की फ्लाइट भी डिले हो गई है. इसलिए अब वह दोपहर 1 बजे बिहार से दिल्‍ली के लिए रवाना होंगे. इसी के साथ नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले सबसे युवा नेता बन गए हैं. साथ ही, वह देश की मुख्य राजनीतिक पार्टियों में से भी सबसे युवा कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं. नितिन नबीन की आयु 45 साल है, और वह पांच बार विधायक रह चुके हैं. बिहार सरकार में वह कई बार मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने सरकार में मिली जिम्मेदारी के साथ ही संगठन के दायित्वों का भी निर्वहन सफलतापूर्वक किया है.

नई जिम्मेवारी मिलने के बाद नितिन नवीन दिल्ली रवाना हो गए, जहां वह बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में जाएंगे और पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे।

दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता को धैर्य पूर्वक पार्टी के लिए काम करना चाहिए। संगठन की मूल भावना को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो सभी को इसका फायदा मिलेगा। बीजेपी ही एक ऐसी पार्टी है कि जहां पार्टी का एक कार्यकर्ता बड़े से बड़े पद पर पहुंच सकता है।

बता दें कि नितिन नवीन के भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद पर मनोनयन के बाद दिल्ली में उनके जोरदार स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। राजधानी में प्रवास के दौरान नितिन नवीन की भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात संभावित है। 

साथ ही नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट होने की संभावना जताई जा रही है। नितिन नवीन बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत से भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता बन गए हैं, जिसे पार्टी संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।