बाप शेर तो बेटा सवा शेर! दीपक प्रकाश के अंदाज़ ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह योजना ग्रामीण स्तर पर स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में बिहार सरकार का एक अहम कदम है।

बाप शेर तो बेटा सवा शेर! दीपक प्रकाश के अंदाज़ ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 21, 2025, 1:14:00 PM

सियासत के मैदान में जब बड़े-बड़े धुरंधर रजाई में दुबके हैं, उस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में एक 'युवा' ने मोर्चा संभाल लिया है! जी हां, हम बात कर रहे हैं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की! बिहार की कड़ाके की ठंड और कोहरे की चादर के बीच उनका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है!

जहां पारा गिरता जा रहा है, वहीं दीपक प्रकाश का पारा सातवें आसमान पर है। बीच सड़क पर, लोगों के बीच पहुंचकर वो न सिर्फ उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, बल्कि व्यवस्था की पोल खोलते हुए 'ऑन द स्पॉट' जांच भी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि 'बाप शेर तो बेटा सवा शेर!' जिस अंदाज़ में दीपक प्रकाश जनता के बीच जाकर अधिकारियों से सवाल-जवाब कर रहे हैं, उसने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। क्या ये उपेंद्र कुशवाहा की विरासत को संभालने की तैयारी है? या फिर ये आने वाले वक्त का बड़ा सियासी संकेत है?

बता दें कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों का निरीक्षण किया। मंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने के साथ भवनों के हस्तांतरण के बाद उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाने की ओर ध्यान आकृष्ट किया। साथ निर्माण कार्य में कुछ त्रुटियों को लेकर चेतावनी भी दी।

निरीक्षण में मंत्री ने नौबतपुर प्रखंड की ग्राम पंचायत चेसी, दानापुर प्रखंड की ग्राम पंचायत कोथवा तथा मनेर प्रखंड की ग्राम पंचायत माधोपुर में भवन निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता एवं मानकों की बारीकी से समीक्षा की।

दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह योजना ग्रामीण स्तर पर स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में बिहार सरकार का एक अहम कदम है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में इन भवनों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्य मानक प्राक्कलन के अनुरूप हो। निरीक्षण के दौरान चेसी एवं कोथवा पंचायत में यह पाया गया कि भवन स्थल के सामने योजना बोर्ड नहीं लगाया गया है।

इसपर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को अविलंब योजना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त कुछ भवनों में निर्माण मानकों के अनुरूप कमी पाई गई, जिसे तुरंत दूर करने का आदेश दिया गया।

मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।