Assembly Election 2026: भारत के दो प्रमुख राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सत्ता के लिए महाभारत जारी है। बीजेपी, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और एम.के. स्टालिन की डीएमके खूब पसीना बहा रही है। इन दोनों राज्यों के लिए कल वोटिंग है। पहले चरण में 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।
वहीं चुनाव के बीच बयानबाजी भी चरम पर है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पीएम मोदी पर दिए आतंकवादी वाले बयान पर बीजेपी हमलावर है। जबकि दूसरी ओर पूर्व कानून मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय शर्म करार दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) चौथी बार सत्ता बचाने की जंग लड़ रही हैं। वहीं बीजेपी भी जीत का दावा कर रही है। बंगाल में पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। इन मतदाताओं में लगभग 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आसानी से सत्ता में वापसी का दावा किया है।
वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। एम.के. स्टालिन की डीएमके सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं. तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधन के बीच है। कई सीटों पर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके त्रिकोणीय मुकाबले में है। राज्य के 5.73 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनावी मैदान में राजनीतिक दलों और निर्दलीयों सहित कुल 4,618 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह चुनाव काफी अहम होने जा रहा है। कौन बाजी मारेगा, ये तो 4 मई को ही पता चलेगा।