बिहार की सियासत में उस वक्त सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब बिहार विधानमंडल परिसर में सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बढ़ते अपराध के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तीखे हमलों का जवाब देते हुए नीतीश सरकार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा पलटवार किया।
अशोक चौधरी ने सख्त लहजे में कहा कि राबड़ी देवी मन ही मन चाहती हैं कि वे मर जाएं और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ‘भंस’ हो जाएं, लेकिन उनके चाहने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष को उनके 15 साल के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि लालू-राबड़ी राज में बिहार के डॉक्टर, इंजीनियर और व्यापारी राज्य छोड़ने को मजबूर थे। उस दौर में 118 नरसंहार हुए और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
मंत्री ने दावा किया कि जब बिहार का बंटवारा हुआ, तब पटना के होटल 500 रुपये में भी खाली पड़े रहते थे, जबकि आज हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 7 हजार से बढ़कर 68 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों पर अशोक चौधरी ने कहा कि घटनाएं जरूर हो रही हैं, लेकिन अब संगठित अपराध नहीं है। जो भी अपराध होता है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है और अब कोई मंत्री या अधिकारी अपराधियों को बचाता नहीं।
वहीं, राबड़ी देवी ने दरभंगा रेप केस और नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब अपराध रुक नहीं रहे, तो सरकार जवाबदेही से क्यों बच रही है।