Amit Shah ने अररिया में Sashastra Seema Bal यानी SSB के जवानों को संबोधित करते हुए सीमांचल की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने भाषण में उन्होंने साफ कहा कि सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर करने का मिशन जल्द शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ की वजह से सीमांचल की डेमोग्राफी में बदलाव आया है, जो चिंता का विषय है।
अमित शाह ने कहा कि सीमा की सुरक्षा सिर्फ बाड़ या चौकसी तक सीमित नहीं है। अवैध स्मगलिंग, नार्कोटिक्स तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां भी बड़ी चुनौती हैं। इन सभी पर कड़ी नजर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि इसके लिए एक स्पष्ट SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार की जानी चाहिए, ताकि निचले स्तर तक हर जवान अलर्ट और तैयार रहे।
उन्होंने खुली सीमा को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि भारत एक मित्र देश के साथ लगी सीमा की सुरक्षा करता है, जिसके साथ हमारे संबंध मैत्रीपूर्ण हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि देश विरोधी तत्व उस रास्ते का इस्तेमाल न करें। दुश्मन ताकतें और देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोग खुली सीमा का फायदा उठा सकते हैं। इसलिए सशस्त्र सीमा बल को अपनी नजर और ज्यादा पैनी रखनी होगी।
शाह ने इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जवानों और अधिकारियों को सीमावर्ती गांवों के लोगों के साथ अच्छा संवाद और संपर्क बनाए रखना चाहिए। जब तक गांवों से सही और समय पर सूचना नहीं मिलेगी, तब तक घुसपैठ और तस्करी पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है।
जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार SSB के लिए सुविधाएं लगातार बढ़ा रही है। आप सीमा की रक्षा में तैनात हैं, इसलिए आपका परिवार हमारी जिम्मेदारी है। देश आपकी सेवा और बलिदान का सम्मान करता है।
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने चुनावी वादे का जिक्र करते हुए कहा कि हमने बिहार की जनता से घुसपैठियों को बाहर करने का वादा किया था। यह सिर्फ चुनावी घोषणा नहीं है, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने दोहराया कि एक-एक घुसपैठी को चिन्हित कर भारत की धरती से बाहर किया जाएगा