पूर्व डीजीपी आलोक राज के बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर राजनीतिक पारा चरम पर है। लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इसे असमान्य बताया है। वहीं, चर्चित छात्र नेता दिलीप कुमार ने किसी बड़े राजनेता के दबाव में आकर इस्तीफा देने का दावा किया है। उन्होंने बीएसएएसी में बड़े पैमाने पर धांधली-सेटिंग और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बयान में नीतीश सरकार से इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महज 6 दिनों में आलोक राज ने इस्तीफा दे दिया। बिहार में अभी कई विभागों में बहाली की प्रक्रिया चल रही है और इस बीच आलोक राज के इस्तीफे से सवाल खड़े होते हैं। उनके इस्तीफे का कारण भले ही व्यक्तिगत बताया हो, लेकिन अगर ऐसा होता तो वे पदभार ही ग्रहण नहीं करते।
आरजेडी नेता ने कहा कि ऐसे पदों पर नियुक्ति कोई आनन-फानन में नहीं की जाती। नियुक्ति के पहले उच्चस्तरीय विमर्श जरूर हुआ होगा और अधिसूचना जारी करने के पहले उनकी सहमति भी ली गई होगी। स्पष्ट तौर पर यह व्यवस्था पर सवाल है। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
बता दें कि आलोक राज को बीते 31 दिसंबर को ही आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था और एक सप्ताह के भीतर ही 6 जनवरी को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। त्यागपत्र में उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है।