उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकमत (RLM) में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसकी वजह है पार्टी के विधायक रामेश्वर महतो का सोशल मीडिया पोस्ट, जिसने संगठन के भीतर नाराजगी और असंतोष की ओर इशारा कर दिया है. चर्चाएं तेज हैं कि रामेश्वर महतो मंत्री नहीं बनाए जाने से बेहद खफा हैं.
दरअसल उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाने में सफल रहे. इसी को लेकर भीतरखाने लंबे समय से सवाल उठ रहे थे और अब विधायक का पोस्ट इन अटकलों को और मजबूत करता दिख रहा है.
रामेश्वर महतो ने अपने फेसबुक पर लिखा-“राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली हो जाए और नीतियाँ जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में मुड़ने लगें, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता. आज का नागरिक जागरूक है- वह हर कदम, हर निर्णय और हर इरादे को बारीकी से परखता है."

उनके इस बयान ने RLM खेमे में हलचल मचा दी है, क्योंकि पोस्ट में “नेतृत्व की नीयत धुंधली होने” और “स्वार्थ की दिशा में मुड़ने" जैसे शब्द सीधे तौर पर नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं. राजनीतिक हलकों में इसे उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, रामेश्वर महतो लगातार उम्मीद कर रहे थे कि उपेंद्र कुशवाहा उन्हें मंत्री पद के लिए आगे बढ़ाएंगे, लेकिन इसके बजाय कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया.
इसके बाद से ही रामेश्वर महतो असहज और नाराज बताए जा रहे हैं.
RLM में पहले से ही परिवारवाद को लेकर सवाल उठते रहे हैं. लेकिन अब विधायक के पोस्ट से यह साफ हो गया है कि पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सतह पर आ चुका है. फिलहाल पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विधायक महतो के पोस्ट ने संगठन को नई सियासी मुश्किल में डाल दिया है. बता दें, उपेंद्र कुशवाहा का राजनीतिक करियर हमेशा उतार-चढ़ाव भरा रहा है, और अब अपने ही विधायक की नाराजगी ने RLM में नए विवाद की जमीन तैयार कर दी है.