बिहार में चल रही समृद्धि यात्रा के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और इसी दिशा में योजना की अगली किस्त जल्द जारी की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना भी उसी का हिस्सा है, जिसके जरिए राज्य की करोड़ों महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करना है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि अब तक करीब 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में इस योजना के तहत राशि भेजी जा चुकी है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
डिप्टी सीएम ने अगली किस्त को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर करीब 18 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी। इससे महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने या अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। जब महिलाओं के हाथ में पैसा आता है तो वह परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य पर खर्च होता है। इससे पूरे समाज और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को फायदा मिल रहा है। सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले और वे अपने स्तर पर रोजगार या व्यवसाय शुरू कर सकें।
अपने बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि सरकार केवल मुफ्त योजनाओं पर निर्भर रहने के पक्ष में नहीं है। सरकार चाहती है कि लोगों को आर्थिक मदद के साथ-साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार मुफ्त योजनाओं को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन बिहार सरकार की सोच अलग है। सरकार महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देकर उन्हें आगे बढ़ने और खुद का काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
सम्राट चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि इस मुद्दे पर देश में सुप्रीम कोर्ट भी टिप्पणी कर चुका है कि सरकारों को लोगों को पूरी तरह मुफ्त सुविधाओं पर निर्भर नहीं बनाना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसरों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार सरकार की यह योजना भी उसी सोच के अनुरूप है, जहां महिलाओं को आर्थिक मदद देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।