दुलारचंद हत्याकांड में 141 दिन जेल में बिताने के बाद मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह अब जेल से बाहर आ चुके हैं। उनकी रिहाई के बाद इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है। बेऊर जेल से बाहर निकलते ही उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और नारेबाजी से माहौल गूंज उठा।
जेल से निकलने के बाद अनंत सिंह लैंड क्रूजर में सवार होकर अपने काफिले के साथ पटना से मोकामा के लिए रवाना हुए। उनके साथ करीब 100 गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा था, जो उनके समर्थकों की ताकत और उत्साह को दिखा रहा था। रास्ते में अथमलगोला समेत कई जगहों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। समर्थकों ने उन्हें ‘शेर-ए-बिहार’ कहकर संबोधित किया और फूल-मालाओं से लाद दिया।
हालांकि, रिहाई के बाद अनंत सिंह ने साफ किया कि वे फिलहाल अपने क्षेत्र में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे पहले बड़हिया माता के दर्शन करने जाएंगे और लगभग 15 दिन बाद क्षेत्र में लौटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। अगर उनका बेटा क्षेत्र में सक्रिय रहता है, लोगों की मदद करता है, तो वही आगे चुनाव लड़ सकता है।
अनंत सिंह ने यह भी दावा किया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया था। उनका कहना है कि घटना के समय वे मौके से करीब 4 किलोमीटर दूर थे।
बता दें कि 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इसके बाद 1 नवंबर को पटना पुलिस ने उन्हें मोकामा स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। 2 नवंबर को उन्हें बेऊर जेल भेजा गया था।
करीब चार महीने जेल में रहने के बाद 20 मार्च को पटना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली, जिसके बाद अब उनकी रिहाई हुई है।