‘प्रगति’ और ‘विकास’ होंगे जनगणना 2027 के चेहरे, पहली बार मिलेगा Self-enumeration का विकल्प

‘प्रगति’ और ‘विकास’ होंगे जनगणना 2027 के चेहरे, पहली बार मिलेगा Self-enumeration का विकल्प

‘प्रगति’ और ‘विकास’ होंगे जनगणना 2027 के चेहरे, पहली बार मिलेगा Self-enumeration का विकल्प
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 06, 2026, 5:34:00 PM

देश में होने वाले दुनिया के सबसे बड़े जनसंख्या सर्वेक्षण जनगणना-2027 की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 5 मार्च को चार आधुनिक डिजिटल टूल और दो आधिकारिक मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इन शुभंकरों के नाम ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) रखे गए हैं, जिन्हें जनगणना अभियान का प्रतीक चेहरा बनाया गया है।

सरकार के अनुसार, जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक और तकनीक आधारित बनाने के लिए उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (C-DAC) ने ये डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनका उद्देश्य पूरे देश में डेटा संग्रह और निगरानी को सरल, सुरक्षित और तेज बनाना है।

ये हैं चार नए डिजिटल टूल

इस पहल के तहत हाउसलिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब एप्लीकेशन, HLO मोबाइल एप्लीकेशन, सेल्फ-एन्यूमरेशन (SE) पोर्टल और सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) पोर्टल शुरू किए गए हैं।

HLBC वेब एप्लीकेशन एक वेब-मैप आधारित प्रणाली है, जो अधिकारियों को सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से डिजिटल रूप में हाउसलिस्टिंग ब्लॉक तैयार करने की सुविधा देता है। इससे पूरे देश में भौगोलिक कवरेज को मानकीकृत करने में मदद मिलेगी।

वहीं HLO मोबाइल एप्लीकेशन गणनाकारों के लिए विकसित किया गया एक सुरक्षित मोबाइल ऐप है, जिसके माध्यम से वे घर-घर जाकर हाउसलिस्टिंग से जुड़ा डेटा इकट्ठा कर सकेंगे और उसे सीधे सर्वर पर अपलोड कर सकेंगे। इस ऐप को केवल CMMS पोर्टल पर पंजीकृत गणनाकार ही इस्तेमाल कर पाएंगे।

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा और इसे 16 क्षेत्रीय भाषाओं में संचालित किया जा सकेगा। इसमें फील्ड से सीधे सर्वर तक डेटा भेजने की सुविधा होगी, जिससे कागजी प्रक्रिया लगभग समाप्त हो जाएगी।

पहली बार मिलेगा सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प

जनगणना-2027 में पहली बार लोगों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके लिए SE पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी पात्र सदस्य फील्ड सर्वे से पहले अपने घर की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेगा।

जानकारी सफलतापूर्वक जमा होने पर एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) जारी होगी, जिसे बाद में गणनाकार को दिया जाएगा ताकि वह विवरण का सत्यापन कर सके।

रियल-टाइम निगरानी के लिए CMMS पोर्टल

सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) एक केंद्रीकृत वेब प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए प्रशासनिक स्तर पर जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों की योजना, संचालन और निगरानी की जाएगी। जिला, उप-जिला और राज्य स्तर के अधिकारी इस प्लेटफॉर्म के इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड पर रियल-टाइम में सर्वे की प्रगति, फील्ड प्रदर्शन और तैयारियों की स्थिति देख सकेंगे।

‘प्रगति’ और ‘विकास’ होंगे अभियान के चेहरे

जनगणना-2027 के लिए पेश किए गए मैस्कॉट ‘प्रगति’ और ‘विकास’ क्रमशः महिला और पुरुष गणनाकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन शुभंकरों के जरिए अभियान से जुड़े संदेश और जानकारी लोगों तक सहज और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाएगी। साथ ही ये भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी का भी प्रतीक हैं।

30 लाख से ज्यादा कर्मियों की तैनाती

आगामी जनगणना के लिए देशभर में 30 लाख से अधिक एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी लगाए जाएंगे। सर्वे के दौरान वे सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, ताकि हर व्यक्ति का डेटा दर्ज किया जा सके।

जनगणना-2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घरों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से यह जनगणना अधिक सटीक, सुरक्षित और समावेशी बनेगी।