UNESCO ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल किया

UNESCO ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल किया

UNESCO ने दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल किया
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 10, 2025, 12:54:00 PM

यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) ने दिवाली को अपनी इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज यानी अमूर्त विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर भारत को बधाई दी है। इसके साथ ही घाना, जॉर्जिया, कांगो, इथियोपिया और मिस्र जैसे अन्य देशों की सांस्कृतिक प्रथाएं भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुई हैं।

यह निर्णय उस समय आया है जब दिल्ली में यूनेस्को की इंटर-गवर्नमेंटल कमेटी फॉर इंटैन्जिबल हेरिटेज की 20वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जो 8 से 13 दिसंबर तक चल रही है। इस अवसर को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 दिसंबर को विशेष दिवाली समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि दुनिया के सामने भारत की सांस्कृतिक पहचान को उजागर किया जा सके।

भारत की अमूर्त धरोहरें पहले से सूची में

भारत की कुल 15 सांस्कृतिक धरोहरें पहले से ही अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। इनमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला और छाऊ नृत्य प्रमुख हैं।

यूनेस्को की यह सूची उन सांस्कृतिक और पारंपरिक प्रथाओं को समेटती है जिन्हें भौतिक रूप से छू तो नहीं सकते, लेकिन अनुभव किया जा सकता है। इसका उद्देश्य इन सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

इस बार दिवाली को इस सूची में शामिल कर भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी गई है, जिससे भारत की परंपराओं और रीति-रिवाजों की वैश्विक छवि और मजबूत हुई है।