कोलकाता में गुरुवार को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को टीएमसी के सांसद दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, जहां दिल्ली पुलिस ने आठ सांसदों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए सांसदों में डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आज़ाद और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल हैं। ये सभी गृह मंत्रालय के बाहर धरने पर बैठे हुए थे, तभी पुलिस ने कार्रवाई की।
टीएमसी ने ईडी की इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक बदले की नीति करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने और डराने के लिए किया जा रहा है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश और खासकर बंगाल ने देख लिया है कि किस तरह गृह मंत्रालय के इशारे पर ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, ईडी को पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारियां हासिल करने के इरादे से भेजा गया था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी दबाव में झुकने वाली नहीं हैं और उन्होंने पार्टी की संपत्ति की मजबूती से रक्षा की।
वहीं सांसद कीर्ति आज़ाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में केंद्र सरकार ने पारदर्शी तरीके से टेंडर जारी नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए व्यवस्थाएं कीं, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं।
इस पूरे विवाद ने अब कानूनी मोड़ भी ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस ने अदालत का रुख करते हुए ईडी की कार्रवाई को अवैध घोषित करने और पार्टी से जब्त किए गए सभी गोपनीय दस्तावेज तत्काल लौटाने की मांग की है। दूसरी ओर, ईडी ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा है कि यह छापेमारी कथित ‘बंगाल कोयला खनन घोटाले’ से जुड़ी है और आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधिकारिक जांच में बाधा डाली।
ईडी की कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। उन्होंने इस छापेमारी को चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को डराने की साजिश बताया है। बंगाल कांग्रेस ने भी ईडी की कार्रवाई का विरोध जताया है।
इस बीच, टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब लोकतांत्रिक असहमति को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल चुने हुए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ किया जा रहा है। पार्टी ने इसे सत्ता का घमंड बताते हुए कहा कि यह कदम सरकार की घबराहट को दर्शाता है।