तीन-भाषा नीति पर CBSE का यू-टर्न! लाखों छात्रों को राहत, जानिये

तीन-भाषा नीति पर CBSE का यू-टर्न! लाखों छात्रों को राहत, जानिये

तीन-भाषा नीति पर CBSE का यू-टर्न! लाखों छात्रों को राहत, जानिये
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 29, 2026, 4:42:00 PM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। ये छात्र पहले से लागू पाठ्यक्रम और भाषा व्यवस्था के अनुसार ही अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे।

नई गाइडलाइन के अनुसार, कक्षा 9 के मौजूदा विद्यार्थियों को संक्रमण काल (ट्रांजिशन) के तहत एक बार की विशेष छूट दी गई है। इस बैच के छात्र दो विदेशी भाषाओं के साथ एक भारतीय भाषा का चयन कर सकते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभी कक्षा 7, 8 और 9 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भविष्य में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान तीसरी भाषा का अलग से बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य नहीं होगा।

यह निर्णय उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें सीबीएसई ने 1 जुलाई से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की बात कही थी। इस फैसले के खिलाफ कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने न्यायालय का रुख भी किया था।

सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह ने बताया कि मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों की पढ़ाई पर नई नीति का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान बैच पहले की व्यवस्था के अनुसार ही अपनी शिक्षा जारी रखेगा और संक्रमण काल के दौरान अन्य संबंधित कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की बाध्यता नहीं होगी।

इससे पहले अप्रैल में सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप कक्षा 6 से चरणबद्ध तरीके से तीन-भाषा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 में गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना भी साझा की गई थी।

नई व्यवस्था के तहत गणित और विज्ञान विषयों में सभी विद्यार्थियों के लिए 80 अंकों की एक समान परीक्षा होगी। हालांकि, जो विद्यार्थी उच्च स्तर का अध्ययन चुनेंगे, उन्हें अतिरिक्त एडवांस्ड स्तर की परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। इसका उद्देश्य विषयों की गहन समझ और उच्च स्तरीय विश्लेषणात्मक क्षमता का मूल्यांकन करना है।

बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट किया था कि दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी, जिसमें 2026-27 सत्र के कक्षा 9 के विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं, 15 मई को जारी एक अन्य स्पष्टीकरण में सीबीएसई ने कहा था कि विदेशी भाषा का चयन करने वाले विद्यार्थियों को पहले दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। इसके बाद विदेशी भाषा को तीसरी या वैकल्पिक चौथी भाषा के रूप में चुना जा सकेगा।