आधुनिक सुविधाओं के साथ पटरी पर उतरेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 17 जनवरी को पीएम करेंगे उद्घाटन

आधुनिक सुविधाओं के साथ पटरी पर उतरेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 17 जनवरी को पीएम करेंगे उद्घाटन

आधुनिक सुविधाओं के साथ पटरी पर उतरेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 17 जनवरी को पीएम करेंगे उद्घाटन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 10, 2026, 3:58:00 PM

भारतीय रेलवे अपने इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जोड़ने जा रहा है। देश को जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिलने वाली है, जो लंबी दूरी की यात्रा को आधुनिक और आरामदायक बनाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस ऐतिहासिक ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को करेंगे।

मालदा टाउन से होगी ऐतिहासिक शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हावड़ा जंक्शन और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलेगी और सप्ताह में छह दिन यात्रियों को सेवा देगी। यह देश की पहली ऐसी वंदे भारत ट्रेन होगी, जिसमें स्लीपर कोच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अमृत भारत एक्सप्रेस की भी सौगात

वंदे भारत स्लीपर के साथ ही रेलवे यात्रियों को छह नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का तोहफा भी दे रहा है। इन ट्रेनों की यात्री सेवाएं 17 और 18 जनवरी से शुरू होंगी। नए रूट्स इस प्रकार हैं:

  • 16107/16108 – ताम्बरम ⇄ संतरागाछी

  • 16597/16598 – एसएमवीटी बेंगलुरु ⇄ अलीपुरद्वार जंक्शन

  • 16523/16524 – एसएमवीटी बेंगलुरु ⇄ बालुरघाट

  • 16223/16224 – एसएमवीटी बेंगलुरु ⇄ राधिकापुर

  • 20603/20604 – न्यू जलपाईगुड़ी ⇄ नागरकोइल

  • 20609/20610 – न्यू जलपाईगुड़ी ⇄ तिरुचिरापल्ली

इन रूट्स के शुरू होने से पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।

2026 में रेलवे के लिए 52 बड़े बदलाव

दिल्ली में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भविष्य की योजनाओं का खाका भी रखा। उन्होंने कहा कि साल 2026 में भारतीय रेलवे में व्यापक सुधार किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समय पालन को प्राथमिकता देते हुए 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है।

AI और तकनीक से बदलेगा रेलवे का चेहरा

रेल मंत्री ने बताया कि आने वाले वर्षों में रेलवे के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे न केवल ट्रेनों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि भारतीय रेलवे पूरी तरह से आधुनिक और स्मार्ट सिस्टम की ओर अग्रसर होगा।