पश्चिम बंगाल में SIR का पहला चरण फिर लटका, 22 लाख गणना प्रपत्र अब भी वितरण से बाहर

पश्चिम बंगाल में SIR का पहला चरण फिर लटका, 22 लाख गणना प्रपत्र अब भी वितरण से बाहर

पश्चिम बंगाल में SIR का पहला चरण फिर लटका, 22 लाख गणना प्रपत्र अब भी वितरण से बाहर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Nov 15, 2025, 1:22:00 PM

पश्चिम बंगाल में चल रही तीन-चरणीय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का पहला चरण एक बार फिर समय सीमा से पीछे रह गया है। राज्य में अब भी करीब 22 लाख मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुँच नहीं पाए हैं, जिसके कारण वितरण कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो सका।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे तक लगभग 7.45 करोड़ गणना प्रपत्र बांटे जा चुके थे। यह संख्या 27 अक्टूबर तक की मतदाता सूची में दर्ज कुल 7,66,37,529 मतदाताओं का लगभग 97% है।

प्रपत्र वितरण की मूल आखिरी तिथि 11 नवंबर थी, लेकिन तब तक लगभग 15% मतदाताओं को ये फॉर्म नहीं मिल सके थे। इसके बाद समय-सीमा बढ़ाकर 14 नवंबर की गई, परंतु इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। गणना प्रपत्रों का पूर्ण वितरण ही एसआईआर के पहले चरण की समाप्ति माना जाएगा।

सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, लगभग 60 लाख मतदाता ऐसे पहचाने गए हैं जिन्हें “अज्ञात” श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी का अर्थ है कि बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) इन व्यक्तियों को सीधे फॉर्म नहीं दे सकते। ऐसे मामलों में बीएलओ ने संबंधित घरों के दरवाजों पर नोटिस चिपकाकर निर्दिष्ट तिथि तक उनसे संपर्क करने का अनुरोध किया है।

जो मतदाता निर्धारित समय तक संपर्क नहीं कर पाए, उन्हें “अज्ञात” के रूप में सूचीबद्ध कर दिया गया है। तीन-चरणीय एसआईआर की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी और इसे अगले वर्ष मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य में पिछली बार एसआईआर 2002 में की गई थी। जिन मतदाताओं या उनके अभिभावकों के नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे, उन्हें सूची में बने रहने के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।