‘Corruption in Judiciary’ चैप्टर पर बवाल! सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NCERT बिना शर्त मांगी माफी

‘Corruption in Judiciary’ चैप्टर पर बवाल! सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NCERT बिना शर्त मांगी माफी

‘Corruption in Judiciary’ चैप्टर पर बवाल! सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NCERT बिना शर्त मांगी माफी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 10, 2026, 5:17:00 PM

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपनी कक्षा 8 की एक सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से संबंधित विवादित सामग्री प्रकाशित होने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। परिषद ने घोषणा की है कि संबंधित पाठ्यपुस्तक को बाजार से वापस ले लिया गया है और अब इसे उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

यह विवाद उस समय सामने आया जब पुस्तक में शामिल एक अध्याय में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार, मामलों के अत्यधिक बोझ और न्यायाधीशों की कमी जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया था। इस सामग्री पर आपत्ति जताए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जहां अदालत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

NCERT की ओर से जारी बयान में बताया गया कि हाल ही में कक्षा 8 के लिए “एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड” नामक सोशल साइंस की पुस्तक प्रकाशित की गई थी। इसके दूसरे भाग के चौथे अध्याय का शीर्षक “द रोल ऑफ ज्यूडिशियरी इन आवर सोसाइटी” था। परिषद के निदेशक और संबंधित टीम ने इस अध्याय को लेकर बिना शर्त खेद व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी पुस्तक को वापस ले लिया गया है।

इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली भी शामिल थे, ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने इस विषय को तत्काल सुनवाई के लिए उठाया था।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाने वाली किसी भी सामग्री को गंभीर बताते हुए कहा कि न्यायिक संस्थान की साख को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस पुस्तक का कोई नया संस्करण, पुनर्मुद्रण या डिजिटल रूप में प्रसार फिलहाल नहीं किया जाएगा।

वहीं केंद्र सरकार ने भी इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पाठ्यपुस्तक में इस तरह की सामग्री शामिल होने के मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।