पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 सक्रिय आतंकी कैंप पर सख्त नजर, आर्मी चीफ बोले- किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देगा भारत

पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 सक्रिय आतंकी कैंप पर सख्त नजर, आर्मी चीफ बोले- किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देगा भारत

पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 सक्रिय आतंकी कैंप पर सख्त नजर, आर्मी चीफ बोले- किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देगा भारत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 13, 2026, 3:11:00 PM

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी सक्रिय रूप से जारी है और भारत किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस का पूरा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच यह अभियान तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है।

जनरल द्विवेदी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास आठ सक्रिय आतंकी कैंप मौजूद हैं। इन कैंपों में ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी गलती पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

हाल ही में सीमा के पास देखे गए ड्रोन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये छोटे, हल्के और निम्न ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन थे, जो केवल सेना की स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से आए थे। 10 जनवरी को लगभग छह ड्रोन देखे गए, जबकि 11 और 12 जनवरी को दो से तीन ड्रोन दिखाई दिए। उनका उद्देश्य भारतीय सुरक्षा में किसी भी ढिलाई की जांच करना था, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को भुनाया जा सके।

ऑपरेशन सिंदूर की प्रभावशाली उपलब्धियां
आर्मी चीफ ने बताया कि 7 मई से 10 मई तक चलने वाले समन्वित अभियान में 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और कुल 88 घंटे की रणनीतिक गतिविधियों के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादियों पर बड़े पैमाने पर आक्रमण किए गए। इसमें नौ लक्ष्यों में से सात को नष्ट कर दिया गया और पाकिस्तान की पुरानी परमाणु धमकी की रणनीति को कमजोर किया गया। इस अभियान में कुल 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।

साल 2025 में ऑपरेशन महादेव समेत अन्य अभियानों में कुल 31 आतंकवादी ढेर किए गए, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे। इनमें पहलगाम हमले से जुड़े आतंकवादी भी शामिल थे।

जम्मू-कश्मीर में स्थिति में सुधार
जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। विकास कार्यों की गति बढ़ी है, पर्यटन लौट रहा है और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रही। 2025 में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की, जो पिछले पांच साल के औसत से अधिक है। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बढ़ रही यह प्रक्रिया धीरे-धीरे स्थिर आकार ले रही है।

1963 का पाक-चीन समझौता अवैध
आर्मी चीफ ने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 में शक्सगाम घाटी के संबंध में हुए समझौते को अवैध मानता है। पाकिस्तान ने उस समय अपना क्षेत्र चीन को सौंप दिया था, जिसे भारत स्वीकार नहीं करता। उन्होंने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी दोनों देशों की अवैध कार्रवाई बताया और इसे मान्यता देने से इनकार किया।