रामलला के प्राकट्य पर्व की तैयारियां पूरी, राम मंदिर निर्माण से जुड़े 600 कर्मयोगियों को ट्रस्ट करेगा सम्मानित

रामलला के प्राकट्य पर्व की तैयारियां पूरी, राम मंदिर निर्माण से जुड़े 600 कर्मयोगियों को ट्रस्ट करेगा सम्मानित

रामलला के प्राकट्य पर्व की तैयारियां पूरी, राम मंदिर निर्माण से जुड़े 600 कर्मयोगियों को ट्रस्ट करेगा सम्मानित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 25, 2026, 12:13:00 PM

अयोध्या में इस वर्ष रामनवमी का पर्व 27 मार्च को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल महाअष्टमी की तिथि 26 मार्च की दोपहर 2:11 बजे समाप्त होकर 27 मार्च को दोपहर 12:02 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसी समयावधि के अनुसार 27 मार्च को मध्याह्न 12 बजे भगवान राम के प्राकट्य के उपलक्ष्य में रामलला की विशेष महाआरती की जाएगी।

इस पावन अवसर पर रामलला का पंचामृत और विभिन्न दिव्य औषधियों से अभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद भव्य शृंगार और ‘सूर्य तिलक’ की परंपरा भी निभाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए इन सभी अनुष्ठानों का सीधा प्रसारण मंदिर परिसर में लगाए गए दर्जनों एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही, दूरदर्शन पर भी इसका लाइव टेलीकास्ट होगा, जिससे देशभर के भक्त अपने घरों से इस आयोजन का दर्शन कर सकेंगे।

रामनवमी मेले की शुरुआत के साथ ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव के अनुसार, प्रतिदिन लगभग एक लाख भक्त रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, और नवमी के दिन यह संख्या और अधिक होने की संभावना है। इस बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। दर्शन के समय में विस्तार के साथ-साथ आठ अलग-अलग लेन के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, पेयजल की व्यवस्था और धूप से राहत देने के लिए अस्थायी टेंट भी लगाए जा रहे हैं।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अयोध्या के अधिकारियों ने पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय कर भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार की है। जरूरत पड़ने पर कुंभ मेले जैसे प्रबंधन मॉडल को लागू करने की भी तैयारी है। राम जन्मभूमि परिसर के रेड जोन में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। भीड़ अधिक होने की स्थिति में दर्शन लेन की संख्या बढ़ाने के साथ ‘होल्डिंग एरिया’ भी बनाया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से रोका जा सकेगा। सभी सुरक्षा जांचों के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और विशेषज्ञों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस भव्य परियोजना में करीब 300 एजेंसियों के माध्यम से लगभग 6000 कर्मियों ने अपनी भूमिका निभाई है। विभिन्न संस्थानों से चयनित प्रतिनिधियों की सूची ट्रस्ट को प्राप्त हो चुकी है। प्रारंभ में इन कर्मयोगियों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करने की योजना थी, लेकिन अनुमोदन न मिलने के बाद ट्रस्ट ने स्वयं सभी 600 चयनित लोगों को उनके परिवार सहित आमंत्रित कर सम्मानित करने का निर्णय लिया।