आज से दो दिवसीय सोमनाथ दौरे पर PM मोदी, 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में होंगे सम्मिलित

आज से दो दिवसीय सोमनाथ दौरे पर PM मोदी, 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में होंगे सम्मिलित

आज से दो दिवसीय सोमनाथ दौरे पर PM मोदी, 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में होंगे सम्मिलित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 10, 2026, 12:16:00 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सोमनाथ के दो दिन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़े विभिन्न आयोजनों में भाग लेंगे। दौरे से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है, जिसे पूरे देश में आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में लिखा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार रात लगभग आठ बजे उन्हें सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र के दिव्य जाप में सहभागी बनने का सौभाग्य मिलेगा। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित ड्रोन शो को भी वे देखेंगे।

रविवार को प्रधानमंत्री सुबह करीब 9:45 बजे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा उन वीर योद्धाओं को समर्पित है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यात्रा के उपरांत प्रधानमंत्री मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे तथा एक विशेष कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे।

उल्लेखनीय है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा किए गए सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रखा गया है। पर्व के दौरान 11 जनवरी को निकाली जाने वाली शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस शामिल होगा, जो साहस, बलिदान और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है।

इतिहास की अनेक विभीषिकाओं और बार-बार ध्वस्त किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था, संकल्प और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना हुआ है। आजादी के बाद देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। वर्ष 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में पुनर्निर्मित मंदिर को जनता के लिए खोला गया था। वर्ष 2026 में इस पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिससे इस पर्व का ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया है।

इस अवसर पर देशभर से सैकड़ों संत-साधु सोमनाथ पहुंचेंगे और मंदिर परिसर में 72 घंटे तक निरंतर ‘ॐ’ का जाप किया जाएगा। प्रधानमंत्री की सहभागिता को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय विरासत और भारत की आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।