पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक अहम सुविधा की घोषणा की है। अब चुनाव ड्यूटी के दौरान अस्वस्थ होने या हादसे का शिकार होने पर उन्हें निजी अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के उपचार मिल सकेगा।
यह निर्णय बुधवार को राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा उन सभी व्यक्तियों पर लागू होगी, जो चुनावी प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
नई व्यवस्था के तहत, यदि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मी को बीमारी, चोट या दुर्घटना का सामना करना पड़ता है, तो उसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य चुनाव कार्य के दौरान कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सरकार ने इस दायरे को केवल नियमित सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसमें चुनाव कार्य के लिए नियुक्त अन्य सहयोगी कर्मियों को भी शामिल किया गया है। इनमें वाहन चालक, सहायक स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञ और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। साथ ही, चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान भी इस सुविधा के पात्र होंगे।
अधिसूचना के अनुसार, उपचार केवल उन्हीं निजी अस्पतालों में कराया जाएगा जो राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं। कैशलेस सुविधा का लाभ उठाने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारी या अधिकृत प्रशासनिक पदाधिकारी की अनुशंसा आवश्यक होगी।
इलाज के खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी और अस्पतालों को निर्धारित दरों के अनुसार ही सेवाएं प्रदान करनी होंगी।
राज्य सरकार का मानना है कि चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में कर्मियों की तैनाती को देखते हुए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वे बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी कर सकेंगे।