अवैध हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बिहार समेत 3 राज्यों के कई ठिकानों पर NIA ने मारा छापा

अवैध हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बिहार समेत 3 राज्यों के कई ठिकानों पर NIA ने मारा छापा

अवैध हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बिहार समेत 3 राज्यों के कई ठिकानों पर NIA ने मारा छापा
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 05, 2025, 11:48:00 AM

अवैध हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को बिहार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन में एजेंसी ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिहार के पटना से शशि कुमार और शेखपुरा से रवि रंजन उर्फ गुड्डू सिंह को पकड़ा गया। इसके अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र से विजय कालरा और कुश कालरा को भी हिरासत में लिया गया।

यह कार्रवाई बिहार के सात, हरियाणा के दो और उत्तर प्रदेश के तेरह ठिकानों पर सुबह से शाम तक चलती रही। जांच एजेंसी ने पाया कि ये सभी आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा थे, जो हरियाणा से अवैध हथियार और कारतूस खरीदकर यूपी और बिहार सहित देश के कई हिस्सों में आपूर्ति करता था। इस नेटवर्क पर एनआईए और स्थानीय पुलिस की लंबे समय से नजर थी।

शेखपुरा में दिल्ली और पटना से आई एनआईए टीम ने एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से भदौस गांव में छापेमारी की और रवि रंजन उर्फ गुड्डू सिंह को दबोच लिया। उसकी ब्रेज़ा कार भी जब्त कर ली गई, जिसे बाद में थाने को सौंप दिया गया। टीम गिरफ्तार आरोपी को उसी रात गुप्त तरीके से दिल्ली लेकर रवाना हो गई। छापेमारी के दौरान दो मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे। सिरारी थाना अध्यक्ष आयुष कुमार ने बताया कि एनआईए टीम ने गिरफ्तारी से जुड़े कई अहम पहलुओं को गोपनीय रखा है।

रवि रंजन पहले भी चर्चाओं में रहा है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला स्थानीय थाने में दर्ज था और वह इस केस में जमानत पर बाहर था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस बार उसकी गिरफ्तारी का संबंध हथियारों की सप्लाई को लेकर किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल से भी हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 2023 में गुड्डू का भाई रौशन कुमार भी भारी मात्रा में हथियारों के साथ पकड़ा गया था। उस समय उसके पास से 3110 जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई थी। रौशन अपने साथी छोटे सिंह के साथ इन कारतूसों को एक अन्य ठिकाने तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।

इस बड़े ऑपरेशन के दौरान एनआईए ने 22 स्थानों पर छापेमारी कर लगभग एक करोड़ रुपये नकद, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, कई हथियार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन उपकरणों में संवेदनशील और संदिग्ध डेटा मिला है। साथ ही कई फर्जी पहचान पत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी टीम के हाथ लगे हैं।

यह मामला जुलाई 2025 में शुरू हुआ था, जब बिहार पुलिस ने अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद कर राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत, शत्रुधन शर्मा और विशाल कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर अगस्त 2025 में एनआईए ने आधिकारिक रूप से जांच संभाली थी। आगे की जांच में पता चला कि यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है और इसके तार कुछ प्रतिबंधित संगठनों से भी जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।