लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 1 जुलाई से संभालेंगे कमान
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 1 जुलाई से संभालेंगे कमान
केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के अगले प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह 1 जुलाई से देश के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद सेना की कमान औपचारिक रूप से धीरज सेठ को सौंप दी जाएगी।
फिलहाल लेफ्टिनेंट जनरल सेठ भारतीय सेना में उप सेना प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1 अप्रैल को यह जिम्मेदारी संभाली थी। सेना की कमान संरचना में यह पद दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी का माना जाता है और इसमें संगठनात्मक प्रबंधन से लेकर सैन्य तैयारियों तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल होती हैं।
उप सेना प्रमुख के रूप में सेठ ने सैन्य आधुनिकीकरण, रणनीतिक योजनाओं और परिचालन क्षमता को मजबूत करने से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक और परिचालन प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया है। नई तकनीकों को सैन्य ढांचे में शामिल करने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सेना को तैयार करने के प्रयासों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
करीब 40 वर्षों के सैन्य अनुभव वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने देश के कई संवेदनशील और रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों और रेगिस्तानी क्षेत्रों में उनकी तैनाती और नेतृत्व को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सेना में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान दोनों का नेतृत्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में किया है। पश्चिमी क्षेत्र से जुड़ी दो प्रमुख ऑपरेशनल कमानों की कमान संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में उनका नाम शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी योगदान दिया है तथा सेना मुख्यालय और सैन्य क्षमता विकास से संबंधित विभिन्न अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना तकनीकी उन्नयन, संयुक्त सैन्य संचालन और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि व्यापक परिचालन अनुभव और नेतृत्व क्षमता के कारण धीरज सेठ सेना के आधुनिकीकरण और रणनीतिक तैयारियों को नई दिशा दे सकते हैं।