भैया दूज पर बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर रवाना

भैया दूज पर बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर रवाना

भैया दूज पर बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर रवाना
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Oct 23, 2025, 11:32:00 AM

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में आज 23 अक्टूबर भैया दूज के अवसर पर शीतकालीन बंदी की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित लगभग 10,000 श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। कपाट बंद होने के बाद, बाबा केदार की पंचमुखी डोली जयघोष और डोली सेना के बैंड के साथ पहले पड़ाव रामपुर की ओर प्रस्थान कर गई। मुख्यमंत्री ने पंचमुखी डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल के प्रथम पड़ाव के लिए रवाना किया।

कपाट बंद करने की रस्म शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन किए। इसके बाद, ब्रह्ममुहुर्त में केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग, आचार्यगण, श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, जिला प्रशासन के अधिकारी और तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारियों ने मंदिर के पूर्वी द्वार से गर्भगृह परिसर में प्रवेश किया। सभी ने समाधि पूजा में भाग लिया। यज्ञ और हवन के पश्चात पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्वंभू शिवलिंग को समाधि रूप में प्रतिष्ठित किया। स्थानीय पुष्प, कुमजा, बुकला, राख, ब्रह्मकमल और शुष्क फूलों से शिवलिंग को सजाया गया। इसके बाद जय बाबा केदार के उदघोष के साथ मंदिर का गर्भगृह बंद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की मौजूदगी में सुबह साढ़े आठ बजे मंदिर के पूर्वी और दक्षिण द्वार बंद कर दिए गए। इसके पश्चात पंचमुखी डोली को मंदिर परिसर के बाहर लाया गया और मंदिर की परिक्रमा करने के बाद रामपुर की ओर रवाना किया गया। डोली के साथ सैकड़ों श्रद्धालु भी प्रस्थान में शामिल हुए।

सीएम धामी ने बाबा केदार के कपाट बंद होने के अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप केदारपुरी का भव्य निर्माण हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश में इस वर्ष चारधाम यात्रा का संचालन सफल रहा। कपाट बंद होने तक 1,768,795 तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम में दर्शन किए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग सवा लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि आज बाबा केदार की डोली रामपुर में रात्रि विश्राम करेगी। 24 अक्टूबर को डोली रामपुर से श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी और 25 अक्टूबर को गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ की ओर रवाना होगी।