लंदन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नवीन जिंदल समूह के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर झारखंड में दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। यह बातचीत दरअसल 2 जनवरी 2026 को रांची में मुख्यमंत्री और उद्योगपति नवीन जिंदल के बीच हुई बैठक का विस्तार मानी जा रही है, जिसमें आपसी सहयोग को मजबूत करने की रूपरेखा तय की गई थी।
बैठक में झारखंड के औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर फोकस रहा। खासतौर पर इस्पात उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा, बिजली अवसंरचना, कौशल विकास और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर विचार-विमर्श हुआ। नवीन जिंदल समूह ने राज्य में स्टील सेक्टर के विस्तार, हरित ऊर्जा परियोजनाओं और पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में रुचि जताई। दोनों पक्षों ने माना कि इस तरह के निवेश भारत को कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप हैं।
उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण भी चर्चा का अहम हिस्सा रहे। बैठक में मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना की सराहना करते हुए नवीन जिंदल समूह ने झारखंड के युवाओं के लिए छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रम और क्षमता निर्माण से जुड़े संभावित सहयोग पर विचार किया। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों को सशक्त बनाने और युवाओं को बेहतर रोजगार योग्य कौशल उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
सरकार और उद्योग जगत के बीच यह संभावित साझेदारी झारखंड में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और सतत औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।