प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हैदराबाद में स्थापित सैफ्रॉन एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज सुविधा का वर्चुअल उद्घाटन किया। समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सैफ्रॉन कंपनी को हर संभव सहायता और सहयोग देगी। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का विमानन क्षेत्र अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ा है।
मोदी ने कहा कि भारत ने 1500 से अधिक नए विमानों का ऑर्डर दे दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश में हवाई यात्रा का बाजार पहले से कहीं अधिक विस्तार कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत में ही विमान सेवा और रखरखाव केंद्र बनने से लागत कम होगी और दक्षता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी नीतियों का उद्देश्य MSMEs को प्रोत्साहित करना है, इसलिए कई सेक्टर में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बताया, “आज भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजारों में शामिल है। हमारा घरेलू एवीएशन मार्केट अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। देश में हवाई यात्राओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते एयरलाइंस कंपनियां अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं।”
उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेवा कंपनियों द्वारा दिए गए 1500 से अधिक नए विमानों के ऑर्डर से यह संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधाओं की आवश्यकता और बढ़ेगी। वर्तमान में 85% MRO कार्य विदेशों में कराया जाता है, जिससे लागत और समय दोनों अधिक लगते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए भारत सरकार देश को एक बड़े MRO हब के रूप में विकसित कर रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सैफ्रॉन कंपनी को हैदराबाद को चुनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इससे शहर का औद्योगिक विकास और तेज होगा। रेड्डी ने बताया कि हैदराबाद पहले से ही एयरोस्पेस और एविएशन सेक्टर में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि राज्य सरकार सैफ्रॉन को आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि इस सुविधा की शुरुआत से भविष्य में विमानों के निर्माण और रखरखाव की लागत काफी घटेगी। इससे यात्रियों को भी सस्ती और बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि अब तक भारत को विमान इंजन सेवाओं के लिए सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह जरूरत कम हो जाएगी।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ सोच को देते हुए कहा कि यह कदम भारत को विमानन क्षेत्र में अधिक सशक्त बनाएगा और हैदराबाद को एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करेगा।