देश की वायु शक्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी! 114 नए राफेल जेट खरीदेगा भारत, 3.25 लाख करोड़ के सौदे को मिली मंजूरी

देश की वायु शक्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी! 114 नए राफेल जेट खरीदेगा भारत, 3.25 लाख करोड़ के सौदे को मिली मंजूरी

देश की वायु शक्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी! 114 नए राफेल जेट खरीदेगा भारत, 3.25 लाख करोड़ के सौदे को मिली मंजूरी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 12, 2026, 5:28:00 PM

केंद्र सरकार ने भारतीय वायुसेना की ताकत को नई धार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने हरी झंडी दे दी है। यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें इस प्रस्ताव को ‘Acceptance of Necessity’ (AON) प्रदान किया गया।

राफेल की युद्धक क्षमता को लेकर पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो चुकी है। बताया जाता है कि पिछले वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने राफेल के जरिए पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त हासिल कर इसकी प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया था।

3.25 लाख करोड़ रुपये का मेगा डिफेंस पैकेज

इस रक्षा सौदे की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इसमें से लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये सिर्फ विमानों की खरीद पर खर्च होंगे। बाकी राशि हथियार प्रणालियों, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी जरूरतों के लिए निर्धारित की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस खरीद से वायुसेना की स्क्वाड्रन क्षमता बढ़ेगी और भारत की सामरिक स्थिति अधिक मजबूत होगी।

समुद्री सुरक्षा पर भी फोकस, P-8I विमान भी मंजूर

सरकार ने सिर्फ लड़ाकू विमान खरीद तक खुद को सीमित नहीं रखा है। समुद्री मोर्चे पर भी एक अहम फैसला लेते हुए 6 पी-8आई समुद्री गश्ती विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इस प्रस्तावित डील की लागत करीब 28 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम्स के लिए भी करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। ये सिस्टम इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे नौसेना की एंटी-सबमरीन क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 114 नए राफेल विमानों में से 18 विमान फ्रांस से पूरी तरह तैयार हालत में भारत लाए जाएंगे। वहीं शेष 96 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इस उत्पादन प्रक्रिया में फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन भारतीय निजी कंपनियों के साथ साझेदारी करेगी, जिससे देश में रक्षा विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

राफेल की कुल संख्या 176 तक पहुंचेगी

इस नए सौदे के बाद भारत के पास राफेल विमानों की कुल संख्या बढ़कर 176 हो जाएगी। इसमें 36 राफेल पहले से वायुसेना के पास मौजूद हैं, 114 नए विमान अब खरीदे जाएंगे और 26 राफेल भारतीय नौसेना के लिए शामिल होंगे।

राफेल की ताकत उसकी अत्याधुनिक हथियार प्रणाली मानी जाती है। यह Meteor मिसाइल से लैस है, जिसकी मारक दूरी 100 किलोमीटर से ज्यादा बताई जाती है और इसे दुनिया की सबसे उन्नत हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में गिना जाता है।

DAC से AON मिलने के बाद अब इस डील पर फ्रांस के साथ औपचारिक बातचीत शुरू होगी। अंतिम स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) द्वारा दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, यदि प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ती रही तो राफेल विमानों की डिलीवरी 2030 तक शुरू हो सकती है। यह सौदा आने वाले वर्षों में भारत की वायु और समुद्री सुरक्षा रणनीति को निर्णायक रूप से मजबूत करने वाला माना जा रहा है।