हाथियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, चार राज्यों के लिए साझा नीति बनाने की मांग

हाथियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, चार राज्यों के लिए साझा नीति बनाने की मांग

हाथियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, चार राज्यों के लिए साझा नीति बनाने की मांग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 13, 2026, 12:38:00 PM

देश में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और हाथियों की अस्वाभाविक मौतों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। सेव एलीफेंट फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से दाखिल इस याचिका में केंद्र सरकार के अलावा झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सरकारों को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में कहा गया है कि पूर्वी भारत के कई वन क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और एशियाई हाथी भोजन, पानी तथा सुरक्षित आवागमन के लिए इन इलाकों के बीच नियमित रूप से आवाजाही करते हैं। ऐसे में राज्यों की सीमाओं से परे जाकर संरक्षण की संयुक्त रणनीति तैयार करना आवश्यक है। विशेष रूप से झारखंड की भूमिका को अहम बताते हुए कहा गया है कि हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर की सुरक्षा बिना राज्य की सक्रिय भागीदारी के संभव नहीं होगी।

अदालत में दायर याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ लंबे समय से मानव-हाथी टकराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। जंगलों के लगातार सिमटने, खनन गतिविधियों के विस्तार और प्राकृतिक आवासों में हस्तक्षेप के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों और गांवों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं।

ट्रस्ट ने अदालत का ध्यान हाथियों की मौत के विभिन्न कारणों की ओर भी आकर्षित किया है। इसमें बिजली के करंट की चपेट में आना, ट्रेन दुर्घटनाएं और अवैध शिकार जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी और कठोर नीति की जरूरत है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि वह हाथियों के संरक्षण और उनके सुरक्षित आवागमन के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दे। साथ ही झारखंड वन विभाग और प्रशासनिक एजेंसियों को पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर साझा संरक्षण नीति लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।