ओडिशा तट से DRDO का शक्ति प्रदर्शन, एक ही लॉन्चर से बैक-टु-बैक दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का सफल सल्वो टेस्ट

ओडिशा तट से DRDO का शक्ति प्रदर्शन, एक ही लॉन्चर से बैक-टु-बैक दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का सफल सल्वो टेस्ट

ओडिशा तट से DRDO का शक्ति प्रदर्शन, एक ही लॉन्चर से बैक-टु-बैक दो ‘प्रलय’ मिसाइलों का सफल सल्वो टेस्ट
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 31, 2025, 6:22:00 PM

भारत की सामरिक शक्ति को नई धार देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को ओडिशा के समुद्री तट के पास ‘प्रलय’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया। खास बात यह रही कि एक ही लॉन्चर से लगातार दो मिसाइलें दागी गईं, जिसे सल्वो लॉन्च कहा जाता है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह परीक्षण सुबह लगभग 10:30 बजे किया गया। मिसाइलों की उड़ान और प्रदर्शन की निगरानी के लिए चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में लगे अत्याधुनिक सेंसरों का उपयोग किया गया, जिनसे सभी मानकों की पुष्टि हुई।

करीब 7,500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाली ‘प्रलय’ शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लगभग 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसकी तैनाती से भारत के प्रमुख सैन्य ठिकानों—फिरोजपुर, जैसलमेर और भुज—से सीमापार कई रणनीतिक लक्ष्यों तक पहुंच संभव मानी जाती है।

रक्षा मंत्रालय ने इस उपलब्धि को देश की सामरिक मिसाइल क्षमता में महत्वपूर्ण कदम बताया है। पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल DRDO द्वारा विकसित की गई है और इसे सशस्त्र बलों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

पहले भी साबित हो चुकी है क्षमता
इससे पहले 28 और 29 जुलाई को भी ओडिशा तट पर ‘प्रलय’ के दो सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। वे परीक्षण सेना और वायुसेना के लिए उपयोगकर्ता मूल्यांकन (यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल) के तहत हुए थे, जिनमें मिसाइल के संचालन और सटीकता की जांच की गई थी।

आधुनिक स्वदेशी तकनीक से बनी ‘प्रलय’ मिसाइल को जल्द ही भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल किए जाने की तैयारी है। इसके शामिल होने से न केवल देश की रक्षा क्षमता मजबूत होगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी ठोस समर्थन मिलेगा।